
7 सितंबर 2026 · Spirituality
Spirituality Beyond Patriarchy and Politics
Spirituality seeks freedom from limited identities; patriarchy and politics often dress social power as sacred truth. Distinguishing the two matters.
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7 सितंबर 2026 · Spirituality
Spirituality seeks freedom from limited identities; patriarchy and politics often dress social power as sacred truth. Distinguishing the two matters.
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5 जुलाई 2026 · Spirituality
घर उसे कहते हैं जहाँ हमारे अपने बसते हैं। पर हमारा सबसे अपना है कौन? त्वमेव माता च पिता त्वमेव के भाव को आधार बनाकर यह लेख कहता है कि ईश्वर ही हमारी माता है, पिता है, बंधु है और सखा है, और इसीलिए तीर्थ ही हमारा सच्चा घर हैं। सेवा हमें घर से दूर रख सकती है, जैसे उसने हनुमान जी को प्रभु के भक्तों की सेवा हेतु धरती पर रोक लिया। पर प्रायः हम किसी प्रयोजन से निकलते हैं, उसे भुला बैठते हैं, और मोह में एक झूठा घर रच लेते हैं। यह लेख सहजता से स्मरण कराता है कि सच्चा घर कहाँ है, और उस ओर लौटने का निमंत्रण देता है।
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3 जुलाई 2026 · Spirituality
हम अक्सर लोगों की बातों से प्रभावित हो जाते हैं। लेकिन किसी व्यक्ति की असली पहचान उसके शब्दों से नहीं, बल्कि उसके जीवन से होती है। जो व्यक्ति स्वयं किसी सिद्धांत को जीता है, वही उसे दूसरों तक प्रभावी ढंग से पहुँचा सकता है। “अभ्यास पहले, उपदेश बाद में” केवल एक अच्छा विचार नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका है। इसका अर्थ है कि दूसरों को सलाह देने से पहले हमें स्वयं उस सलाह पर चलना चाहिए। जब हमारे शब्द और हमारे कर्म एक जैसे होते हैं, तभी हमारे मार्गदर्शन में विश्वास पैदा होता है।
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29 मई 2026 · Spirituality
पूर्व जन्म का कर्म हमें यह समझाता है कि पछतावा हमें अधूरा नहीं बनाता। हर आत्मा ने कई जन्मों में गलतियाँ की हैं, फिर भी हर किसी में आध्यात्मिक विकास और शांति की पूरी संभावना है।
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20 मई 2026 · Realization
तीव्र साधना तभी पवित्र बनती है, जब वह अहंकार, घमंड या व्यक्तिगत इच्छा के लिए न की जाए। साधना का सच्चा उद्देश्य खुद को बड़ा दिखाना नहीं, बल्कि अपने इष्ट देव की प्रसन्नता, दूसरों के सुख और विश्व कल्याण के लिए जीवन जीना है।
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8 मई 2026 · Realization
मृत्यु जीवन का अंत नहीं, बल्कि रूप परिवर्तन की एक प्रक्रिया है। जब शरीर मरता है, तब भी अपना अस्तित्व समाप्त नहीं होता; केवल उसका रूप बदलता है। असली समस्या मृत्यु नहीं है, बल्कि हमारे शरीर और अस्थायी रूपों से चिपक जाने की आदत है। जब हम समझते हैं कि हमारा वास्तविक “स्व” वह साक्षी है जो सभी परिवर्तनों के पार है, तब मृत्यु का डर धीरे धीरे मिटने लगता है।
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4 मई 2026 · Spirituality
सेवा: वह मार्ग जिससे कोई भाग नहीं सकता. इस लेख में हम समझते हैं कि सेवा हर आध्यात्मिक मार्ग का अनिवार्य हिस्सा है। भगवद्गीता और रामचरितमानस दोनों इसे पुष्ट करते हैं कि जब तक शरीर संसार में है, क्रिया सदैव चलती रहेगी। आत्मसाक्षात्कार के बाद भी सेवा बंद नहीं होती, केवल कर्तापन का अहंकार मिट जाता है। असल ज्ञान यह नहीं है कि कार्य से भागा जाए, बल्कि कार्य को सेवा में परिवर्तित किया जाए। जब हृदय दिव्य से जुड़ जाता है, तब सेवा बोझ नहीं, बल्कि जीवन की स्वाभाविक दिशा बन जाती है।
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19 अप्रैल 2026 · Realization
मानवीय संघर्ष के तीन क्षेत्रों को समझें (शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक) और जानें कि प्रत्येक व्यक्ति को उसी क्षेत्र में कार्य करना चाहिए जिसमें वह अभी जी रहा है। यह लेख साक्षात्कार श्रृंखला का एक भाग है।
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16 अप्रैल 2026 · Spirituality
शीर्ष की दौड़ से परे जाकर प्रेम, योगदान और सामूहिक विकास की संस्कृति बनाना
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15 अप्रैल 2026 · Spirituality
हम आराम (comfort) के आदी हो चुके हैं, लेकिन असली खुशी संघर्ष (struggle) में ही मिलती है । आइए जानते हैं कि आपके लिए सही संघर्ष कैसे खोजा जाए ।
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12 अप्रैल 2026 · Spirituality
जन्म एक शाश्वत चेतना की वह दृश्य अभिव्यक्ति है, जो कुछ समय के लिए एक आकार (रूप) धारण करती है।
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10 अप्रैल 2026 · Spirituality
सही संगति आपके जीवन को कैसे बदल देती है यदि हम वास्तव में अपने जीवन में कोई बड़ा बदलाव चाहते हैं, तो हमें ऐसी संगति की तलाश करनी चाहिए जो उस बदलाव को दर्शाती हो जिसे हम पाना चाहते हैं। विकास हमेशा गहन प्रयास, अनुशासन या संघर्ष के बारे में नहीं होता। कभी-कभी, रूपांतरण केवल…
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